https://hindi.sputniknews.in/20261022/sainy-yuddhaabhyaas-men-bhaaritiiy-auri-riuusii-paaylton-ne-su-30-men-snyukt-udaan-bhriii-riuusii-rikshaa-mntraaly-12657242.html
सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय और रूसी पायलटों ने Su-30 में संयुक्त उड़ान भरी: रूसी रक्षा मंत्रालय
सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय और रूसी पायलटों ने Su-30 में संयुक्त उड़ान भरी: रूसी रक्षा मंत्रालय
Sputnik भारत
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चेल्याबिंस्क इलाके में "इंद्रा-2026" युद्ध अभ्यास के हिस्से के तौर पर रूसी और भारतीय पायलटों ने Su-30SM फाइटर जेट्स में संयुक्त उड़ान भरी।
2026-10-22T14:23+0530
2026-10-22T14:23+0530
2026-10-22T17:15+0530
भारत-रूस संबंध
रूस
रूस का विकास
मास्को
भारत
आत्मनिर्भर भारत
भारत का विकास
भारत सरकार
भारतीय सेना
रूसी सेना
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/07/0a/7823267_0:124:3200:1924_1920x0_80_0_0_839ff9d93e7aa6752f71172212457aae.jpg
इसके अलावा, रूसी एयरोस्पेस फोर्सेस और भारतीय वायुसेना के क्रू ने Mi-8 सैन्य परिवहन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करके संयुक्त अभ्यास किए, जिसमें विशेष बलों की तैनाती और दुर्गम इलाकों में फंसे चालक दल को बचाने के लिए खोज एवं बचाव अभियान शामिल थे।भारत और रूस का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘इंद्र-2026’ 14 अक्टूबर से चेल्याबिंस्क क्षेत्र और रूस के सुदूर पूर्वी इलाके में चल रहा है। इस अभ्यास में नौसेना, थल सेना और वायुसेना के जवान हिस्सा ले रहे हैं।लड़ाकू विमानन के क्षेत्र में भारत और रूस के बीच तकनीकी साझेदारी 1960 के दशक में ही शुरू हो गई थी। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ हुए एक समझौते के तहत, HAL ने अपनी सुविधाओं में 220 से अधिक Su-30MKI विमानों का निर्माण किया है। फिलहाल, भारत में इस उत्पादन कार्यक्रम को जारी रखने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर भारत इस पर सकारात्मक फैसला लेता है, तो जिन सुविधाओं का इस्तेमाल अभी Su-30MKI लड़ाकू विमान बनाने के लिए किया जा रहा है, उनमें बहुत कम समय के भीतर रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, Su-57E का उत्पादन शुरू किया जा सकता है।
https://hindi.sputniknews.in/20261021/riuusii-sitaadel-vaayu-rikshaa-prnaalii-kruuj-misaailon-ko-bhii-nsht-krine-men-skshm-riostek-12641200.html
रूस
मास्को
भारत
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/07/0a/7823267_235:0:2966:2048_1920x0_80_0_0_971e3581fb031ba6fd92a4a9c8bbe437.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
रूस , रूस का विकास , मास्को , भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, भारतीय सेना, रूसी सेना, द्विपक्षीय रिश्ते, रक्षा मंत्रालय (mod)
रूस , रूस का विकास , मास्को , भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, भारतीय सेना, रूसी सेना, द्विपक्षीय रिश्ते, रक्षा मंत्रालय (mod)
सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय और रूसी पायलटों ने Su-30 में संयुक्त उड़ान भरी: रूसी रक्षा मंत्रालय
14:23 22.10.2026 (अपडेटेड: 17:15 22.10.2026) रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चेल्याबिंस्क इलाके में "इंद्रा-2026" युद्ध अभ्यास के हिस्से के तौर पर भारतीय और रूसी पायलटों ने Su-30SM लड़ाकू विमानों में संयुक्त उड़ान भरी।
बयान में कहा गया, "इंद्रा-2026 युद्धाभ्यास के दौरान, रूसी एयरोस्पेस फोर्सेज और भारतीय वायुसेना के पायलटों ने Su-30SM लड़ाकू विमानों से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को रोकने और हवा से मार करने वाले हथियारों के प्लेटफार्म को नष्ट करने का अभ्यास करने के साथ-साथ कम और मध्यम ऊंचाई पर हवाई लड़ाई के विशेष युद्धाभ्यास भी किए।
इसके अलावा,
रूसी एयरोस्पेस फोर्सेस और भारतीय वायुसेना के क्रू ने Mi-8 सैन्य परिवहन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करके संयुक्त अभ्यास किए, जिसमें विशेष बलों की तैनाती और दुर्गम इलाकों में फंसे चालक दल को बचाने के लिए खोज एवं बचाव अभियान शामिल थे।
भारत और रूस का
संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘इंद्र-2026’ 14 अक्टूबर से चेल्याबिंस्क क्षेत्र और रूस के सुदूर पूर्वी इलाके में चल रहा है। इस अभ्यास में नौसेना, थल सेना और वायुसेना के जवान हिस्सा ले रहे हैं।
लड़ाकू विमानन के क्षेत्र में भारत और रूस के बीच तकनीकी साझेदारी 1960 के दशक में ही शुरू हो गई थी। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ हुए एक समझौते के तहत, HAL ने अपनी सुविधाओं में 220 से अधिक Su-30MKI विमानों का निर्माण किया है। फिलहाल, भारत में इस उत्पादन कार्यक्रम को जारी रखने को लेकर बातचीत चल रही है।
अगर भारत इस पर सकारात्मक फैसला लेता है, तो जिन सुविधाओं का इस्तेमाल अभी Su-30MKI लड़ाकू विमान बनाने के लिए किया जा रहा है, उनमें बहुत कम समय के भीतर रूस के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, Su-57E का उत्पादन शुरू किया जा सकता है।