https://hindi.sputniknews.in/20250401/bhaarit-kii-hindustaan-eyriontiks-limited-knpnii-men-kyaa-khaas-hai-8931660.html
भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कंपनी में क्या खास है?
भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कंपनी में क्या खास है?
Sputnik भारत
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कमाई पिछले वर्ष से बढ़कर 30400 करोड़ रुपए हो गई है।
2025-04-01T19:53+0530
2025-04-01T19:53+0530
2025-04-01T20:28+0530
डिफेंस
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (hal)
भारत
भारत सरकार
भारत का विकास
तेजस जेट
सुखोई-30mki
सैन्य तकनीकी सहयोग
सैन्य तकनीक
रूसी सैन्य तकनीक
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/08/0c/3559220_0:0:3000:1688_1920x0_80_0_0_61a11e150ec257874b0b8b6172ce2af3.jpg
तेजस में अमेरिकी कंपनी जीई का इंजन लगता है जबकि ध्रुव में फ्रेंच कंपनी टर्बोमेका का इंजन लगाया जाता है। HAL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. डीके सुनील ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इन दोनों की आपूर्ति में देरी के बाद भी दूसरे उत्पादों की आपूर्ति से हमें यह सफलता मिली है।इसके अलावा सुखोई-30 के लिए 240 इंजन की आपूर्ति और एक आईएल-78 के एवियोनिक्स को अपग्रेड करने का भी सौदा मिला है। इन सौदों से उत्साहित HAL ने तेजस के लिए अतिरिक्त एसेंबली लाइन बनाई हैं।HAL एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और उनके इंजन बनाने वाली भारत की अग्रणी संस्था है। HAL ने भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू जेट तेजस बनाया है और 40 जेट भारतीय वायुसेना को दे दिए हैं। भारत सरकार ने HAL को 180 नए उन्नत तेजस मार्क-1(ए) बनाने का ऑर्डर दिया है जिनकी सप्लाई वर्ष 2024 से शुरू होनी थी, परंतु अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन मिलने में देरी के कारण यह आपूर्ति अब तक प्रारंभ नहीं हो पाई है। इस इंजन के अप्रैल में HAL को मिलने के बाद तेजस के उत्पादन में तेज़ी आने की संभावना है।तेजस में रूस के सहयोग से बनी ब्रह्मोस मिसाइल लगाई गई है। साथ ही इसमें लंबी दूरी तक हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी अस्त्र मिसाइल भी लगाई गई है।
https://hindi.sputniknews.in/20250331/india-russia-launched-the-second-phase-of-the-indra-navy-naval-exercises-in-the-bay-of-bengal-8926457.html
भारत
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2025
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e7/08/0c/3559220_411:0:3000:1942_1920x0_80_0_0_03a7675e1bb3b2002452c63a85e1b8c5.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
बाधाएँ, रुकावटें, कठिनाइयाँ, समस्याएँ, चुनौतियाँ, संघर्ष, अवरोध, विकास, वृद्धि, आय, कमाई, मुनाफा, लाभ, आर्थिक उन्नति, व्यापार, प्रगति, सफलता, विस्तार, वित्तीय प्रदर्शन, आर्थिक स्थिरता, hal, रक्षा क्षेत्र, एयरोस्पेस उद्योग, सरकारी कंपनी, उत्पादन, निर्यात, निवेश, परियोजनाएँ, प्रतिस्पर्धा, बाजार, रणनीति, नवाचार, टेक्नोलॉजी, सहयोग, अनुबंध, उत्पादन क्षमता, लाभप्रदता, राजस्व, आर्थिक मजबूती
बाधाएँ, रुकावटें, कठिनाइयाँ, समस्याएँ, चुनौतियाँ, संघर्ष, अवरोध, विकास, वृद्धि, आय, कमाई, मुनाफा, लाभ, आर्थिक उन्नति, व्यापार, प्रगति, सफलता, विस्तार, वित्तीय प्रदर्शन, आर्थिक स्थिरता, hal, रक्षा क्षेत्र, एयरोस्पेस उद्योग, सरकारी कंपनी, उत्पादन, निर्यात, निवेश, परियोजनाएँ, प्रतिस्पर्धा, बाजार, रणनीति, नवाचार, टेक्नोलॉजी, सहयोग, अनुबंध, उत्पादन क्षमता, लाभप्रदता, राजस्व, आर्थिक मजबूती
भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कंपनी में क्या खास है?
19:53 01.04.2025 (अपडेटेड: 20:28 01.04.2025) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कमाई पिछले वर्ष से बढ़कर 30400 करोड़ रुपए हो गई है। यह उपलब्धि स्वदेशी लड़ाकू जेट (LCA) तेजस और स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर(ALH) ध्रुव की आपूर्ति में गिरावट के बावजूद मिली है।
तेजस में अमेरिकी कंपनी जीई का इंजन लगता है जबकि ध्रुव में फ्रेंच कंपनी टर्बोमेका का इंजन लगाया जाता है। HAL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. डीके सुनील ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इन दोनों की आपूर्ति में देरी के बाद भी दूसरे उत्पादों की आपूर्ति से हमें यह सफलता मिली है।
HAL के पास अभी कुल 184000 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं और यह पिछले साल की तुलना में ज्यादा हैं। कंपनी को पिछले महीने की 62777 करोड़ रुपए में 156 स्वदेशी प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टर की आपूर्ति करने का सौदा मिला था। प्रचंड का प्रयोग भारतीय सेना और वायुसेना दोनों ही करती हैं। यह रक्षा मंत्रालय से HAL को मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है। पिछले वित्तीय वर्ष में ही कंपनी को 12 अतिरिक्त सुखोई-30 की आपूर्ति का ऑर्डर मिला था।
इसके अलावा सुखोई-30 के लिए 240 इंजन की आपूर्ति और एक आईएल-78 के एवियोनिक्स को अपग्रेड करने का भी सौदा मिला है। इन सौदों से उत्साहित
HAL ने तेजस के लिए अतिरिक्त एसेंबली लाइन बनाई हैं।
HAL एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और उनके इंजन बनाने वाली भारत की अग्रणी संस्था है। HAL ने भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू जेट तेजस बनाया है और 40 जेट भारतीय वायुसेना को दे दिए हैं।
भारत सरकार ने HAL को 180 नए उन्नत तेजस मार्क-1(ए) बनाने का ऑर्डर दिया है जिनकी सप्लाई वर्ष 2024 से शुरू होनी थी, परंतु अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन मिलने में देरी के कारण यह आपूर्ति अब तक प्रारंभ नहीं हो पाई है। इस इंजन के अप्रैल में HAL को मिलने के बाद तेजस के उत्पादन में तेज़ी आने की संभावना है।
तेजस में रूस के सहयोग से बनी ब्रह्मोस मिसाइल लगाई गई है। साथ ही इसमें लंबी दूरी तक हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी अस्त्र मिसाइल भी लगाई गई है।