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भारत को हाइड्रोकार्बन की आपूर्ति बढ़ाने पर रूस सहमत: लावरोव

Sergey Lavrov - Sputnik भारत, 1920, 15.05.2026
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ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस और भारत आपसी हाइड्रोकार्बन व्यापार को और अधिक विस्तार देने तथा तेल-गैस की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

लावरोव ने पत्रकारों से कहा, "भारत और रूस दोनों ही रूसी हाइड्रोकार्बन व उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ, असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह एकमत हैं।"

लावरोव ने आगे कहा कि इस दौरान उन्होंने भारत के साथ व्यापार और निवेश सहयोग के विकास पर चर्चा के साथ साथ भारत में रूस द्वारा निर्मित परमाणु ऊर्जा संयंत्र (NPP) के अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण के लिए नई जगह आवंटित करने के मुद्दे पर भी बातचीत की।
उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच तकनीकी और सैन्य सहयोग पारंपरिक रूप से ऊंचे स्तर पर रहा है और सक्रिय रूप से विकसित हो रहा है।

लावरोव ने कहा, "हमारा सैन्य तकनीकी सहयोग पारंपरिक रूप से ऊंचे स्तर पर रहा है, जिसमें उच्च स्तरीय तकनीक पर आधारित आधुनिक हथियारों का मिलकर उत्पादन करना शामिल है।"

सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2026 में रूस का दौरा करेंगे, दोनों पक्ष इसकी तैयारियां कर रहे हैं।

लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुष्टि की है कि इस साल रूस आने की उनकी बारी है। हम इस सम्मेलन की तैयारी करेंगे।"

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद, दुनिया भर के देशों में BRICS में शामिल होने की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

भारत दौरे और BRICS की मंत्री स्तर बैठक में हिस्सा लेने के बाद लावरोव ने कहा, "मुझे पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, के दबाव की वजह से BRICS में दिलचस्पी में कोई कमी नहीं दिख रही है, जिन्होंने खुले तौर पर BRICS को तरक्की का लगभग मुख्य विरोधी बताया है।"

लावरोव ने आगे कहा कि कई देशों ने BRICS में शामिल होने के लिए आवेदन किया है।

उन्होंने आगे कहा, "पश्चिमी दबाव के बावजूद हमारे संगठन के प्रति वैश्विक आकर्षण बरकरार है। सदस्य बनने या भागीदार देशों के समूह में शामिल होने को लेकर विभिन्न देशों की दिलचस्पी में कोई कमी नहीं आई है।"

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि BRICS देश G20 एजेंडे के राजनीतिकरण करने की किसी भी कोशिश के ख़िलाफ़ हैं।
मंत्री ने रेखांकित किया कि यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए रूस के लिए कूटनीतिक तरीका बेहतर है, अगर यह काम नहीं करता है तो विशेष सैन्य अभियान के दौरान सभी लक्ष्य हासिल किए जाएंगे।

लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम यूरोप के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता प्रक्रिया की पहल नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन के हालिया बयान को भी ठीक इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए; हम बातचीत के लिए तैयार अवश्य हैं, लेकिन हम कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएंगे और न ही उनके पीछे भागेंगे।"

लावरोव ने कहा कि ईरान और अरब देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने की प्रक्रिया में भारत एक मध्यस्थ बन सकता है।

लावरोव ने संवाददाताओं से कहा, "चूंकि भारत इस समय ब्रिक्स (BRICS) का अध्यक्ष है और इस क्षेत्र से होने वाली तेल आपूर्ति पर सीधे तौर पर निर्भर है; तो ऐसे में भारत अपनी मजबूत कूटनीतिक स्थिति का लाभ उठा सकता है। वह ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को वार्ता की मेज पर लाकर इस क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिरोध को समाप्त करने की पहल कर सकता है।"

वरिष्ठ रूसी राजनयिक ने आगे कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ US-इज़राइली हमले का एक मकसद उसे दूसरे अरब देशों के साथ रिश्ते सामान्य करने से रोकना है।

लावरोव ने आगे कहा, "इस विवाद की शुरुआत एक सुनियोजित बहाने के तहत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के उन 47 वर्षों के प्रभाव को समाप्त करना था जिसके दौरान उसने कथित तौर पर अपने पड़ोसियों और वैश्विक समुदाय को 'आतंकित' किया है। यह ठीक वैसा ही पैंतरा है, जैसा कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ नशीले पदार्थों की तस्करी के झूठे आरोप लगाकर उनके अपहरण की साजिश रचने के लिए रचा गया था।"

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को रूसी तेल की आपूर्ति बढ़ा दी गई है, और मास्को इसे जारी रखने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, "हाल ही में भारत को तेल आपूर्ति बढ़ा दी गई है। और इस मामले में सब कुछ हम पर नहीं, बल्कि हमारे भारतीय साझेदार पर निर्भर करता है, जिन्हें ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने के उनके आग्रह पर हमेशा सकारात्मक जवाब मिला है। हम भविष्य में भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं।"

India's Foreign Minister Subrahmanyam Jaishankar addresses the BRICS foreign ministers' meeting at Bharat Mandapam in New Delhi, India May 14, 2026. - Sputnik भारत, 1920, 15.05.2026
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