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ब्रह्मोस को रोकना बेहद मुश्किल, यह कई वर्षों तक अभेद्य रहेगी: पूर्व ब्रह्मोस प्रमुख

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ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिक डॉ. सुधीर मिश्रा ने Sputnik भारत से कहा है कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को इंटरसेप्ट करना मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद कठिन है।
उन्होंने इसकी स्टेल्थ डिजाइन, अत्यधिक गति और कम रडार सिग्नेचर को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया।
Sputnik भारत से बातचीत में डॉ. मिश्रा ने कहा कि ब्रह्मोस की रिवर्स इंजीनियरिंग भी बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार, मिसाइल की जटिल तकनीक और सॉफ्टवेयर के कारण इसे कॉपी करना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस की सटीक मारक क्षमता उसके उन्नत नेविगेशन सिस्टम, सुपरसोनिक गति और शक्तिशाली वारहेड के संयोजन का परिणाम है। उनका दावा था कि मौजूदा तकनीक के स्तर पर यह मिसाइल कई वर्षों तक लगभग अभेद्य बनी रहेगी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि ब्रह्मोस के निर्यात से भारत की रक्षा क्षमताओं के साथ-साथ दूसरे देशों के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत होती है। उनके अनुसार, रक्षा सहयोग सैन्य संबंधों के अलावा प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी सहयोग और व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भारत और रूस के बीच ड्रोन, मानवरहित प्रणालियों और नई पीढ़ी की रक्षा तकनीकों के संयुक्त विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।
Indian Army soldiers display Unified rocket launcher systems and Brahmos missiles during the Republic Day parade celebrations in New Delhi, India, Monday, Jan. 26, 2026.  - Sputnik भारत, 1920, 07.07.2026
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