https://hindi.sputniknews.in/20260811/ne-sukhoii-30-yuddhk-vimaanon-kaa-bhaarit-men-utpaadn-praarinbh-11908783.html
नए सुखोई-30 युद्धक विमानों का भारत में उत्पादन प्रारंभ
नए सुखोई-30 युद्धक विमानों का भारत में उत्पादन प्रारंभ
Sputnik भारत
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक स्थित केंद्र में नए सुखोई-30 लड़ाकू जेट का उत्पादन एक बार फिर प्रारंभ हो रहा है। भारत सरकार और HAL के बीच 12... 11.08.2026, Sputnik भारत
2026-08-11T14:23+0530
2026-08-11T14:23+0530
2026-08-11T14:23+0530
डिफेंस
भारत
आत्मनिर्भर भारत
भारत का विकास
सुखोई-30mki
सैन्य तकनीक
तकनीकी विकास
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/07/0a/7823267_0:124:3200:1924_1920x0_80_0_0_839ff9d93e7aa6752f71172212457aae.jpg
वर्ष 2027 में इनमें से पहला सुखोई-30 तैयार हो जाएगा और 2029 तक सभी जेट्स वायुसेना को मिल जाने की संभावना है। ये जेट दो दशक में भारतीय वायुसेना में दुर्घटनाग्रस्त हुए सुखोई-30 की कमी को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना में इस समय सबसे अधिक संख्या सुखोई-30 लड़ाकू जेट्स की ही है और इन्हें भारत की आवश्यकताओं और रक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सुखोई-30 जेट 8 टन से ज्यादा भार के 12 से 14 अस्त्र ले जा सकता है। इससे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के अतिरिक्त हवा से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें, रॉकेट और बम चलाए जा सकते हैं। इसमें सबसे घातक अस्त्र ब्रह्मोस मिसाइल है जिसे शत्रु के युद्धपोत या ज़मीनी ठिकानों पर हमला किया जा सकता है।
https://hindi.sputniknews.in/20240101/bhartiy-vayu-sena-su-30-mki-ldaku-vimanon-ki-seva-avdhi-ko-20-saal-tak-badhayegi-6045027.html
भारत
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/07/0a/7823267_235:0:2966:2048_1920x0_80_0_0_971e3581fb031ba6fd92a4a9c8bbe437.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
कृष्णमोहन मिश्रा
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/05/14/7409018_0:0:486:485_100x100_80_0_0_7e79ffa0ba84a7bd46685bfea1e9d1aa.jpg
भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, सुखोई-30mki , सैन्य तकनीक, तकनीकी विकास
भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, सुखोई-30mki , सैन्य तकनीक, तकनीकी विकास
नए सुखोई-30 युद्धक विमानों का भारत में उत्पादन प्रारंभ
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक स्थित केंद्र में नए सुखोई-30 लड़ाकू जेट का उत्पादन एक बार फिर प्रारंभ हो रहा है। भारत सरकार और HAL के बीच 12 दिसंबर 2024 को 12 अतिरिक्त सुखोई-30 लड़ाकू जेट के उत्पादन का समझौता हुआ था। रक्षा सूत्रों से Sputnik को मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में 2 सुखोई-30 जेट्स का उत्पादन किया जा रहा है।
वर्ष 2027 में इनमें से पहला सुखोई-30 तैयार हो जाएगा और 2029 तक सभी जेट्स वायुसेना को मिल जाने की संभावना है। ये जेट दो दशक में भारतीय वायुसेना में दुर्घटनाग्रस्त हुए सुखोई-30 की कमी को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
भारत और रूस के बीच समझौते के बाद भारतीय वायुसेना के लिए कुल 272 सुखोई-30 खरीदे गए थे। भारत और रूस ने सन 2000 में सुखोई-30 को लेकर समझौता किया था जिनमें से कुछ तैयार होकर रूस से आने थे और शेष का उत्पादन भारत में होना था। 2002 में रूस में बना पहला सुखोई-30 भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था और 2004 में भारत में बना पहला सुखोई-30 वायुसेना को मिला था।
भारतीय वायुसेना में इस समय सबसे अधिक संख्या सुखोई-30 लड़ाकू जेट्स की ही है और इन्हें भारत की आवश्यकताओं और रक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सुखोई-30 जेट 8 टन से ज्यादा भार के 12 से 14 अस्त्र ले जा सकता है। इससे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के अतिरिक्त हवा से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलें, रॉकेट और बम चलाए जा सकते हैं। इसमें सबसे घातक अस्त्र
ब्रह्मोस मिसाइल है जिसे शत्रु के युद्धपोत या ज़मीनी ठिकानों पर हमला किया जा सकता है।