https://hindi.sputniknews.in/20260703/bhaaritiiy-riaaidris-kaa-bdaa-mishn-maasko-se-vlaadivostok-tk-kaa-motrisaaikil-abhiyaan-shuriuu-11499973.html
भारतीय राइडर्स का बड़ा मिशन: मास्को से व्लादिवोस्तोक तक का मोटरसाइकिल अभियान शुरू
भारतीय राइडर्स का बड़ा मिशन: मास्को से व्लादिवोस्तोक तक का मोटरसाइकिल अभियान शुरू
Sputnik भारत
भारतीय मोटरसाइकिल सवारो ने मास्को से व्लादिवोस्तोक तक भारतीय मोटरसाइकिल अभियान शुक्रवार सुबह ज़ारियाडी पार्क में शुरू किया।
2026-07-03T18:37+0530
2026-07-03T18:37+0530
2026-07-03T20:12+0530
भारत-रूस संबंध
रूस
रूस का विकास
मास्को
भारत
आत्मनिर्भर भारत
भारत का विकास
भारत सरकार
दिल्ली
संस्कृति संरक्षण
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/07/03/11505644_0:51:984:605_1920x0_80_0_0_20de6ebf23ecac7c1cb3206dce540429.jpg
Sputnik संवाददाता के अनुसार, इस अभियान में शामिल भारतीय राइडर्स की योजना 25 दिनों में अपना सफर पूरा करने की है। इस दौरान वे रूसी शहरों कज़ान और नोवोसिबिर्स्क में रुकते हुए मंगोलिया भी जाएंगे।इस अभियान में शामिल पूरे दल में 17 लोग शामिल हैं जिनमें 20 से 60 साल तक के भारतीय मोटरसाइकिल चालक शामिल हैं।इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग देशों और संस्कृति के लोगों को एक साथ लाने के लिए ऐसे अभियानों की अहमियत पर भी ज़ोर दिया।वहीं अभियान में हिस्सा लेने वाले विजय आनंदी ने बताया कि यह रास्ता काफी मुश्किल है, लेकिन उन्होंने पहले भी ऐसी ही यात्रा पूरी की हैं, जो केपटाउन से काहिरा तक थी।
https://hindi.sputniknews.in/20260701/bhaarit-ne-riuusii-sone-kaa-aayaat-lgbhg-dogunaa-kiyaa-11469499.html
रूस
मास्को
भारत
दिल्ली
व्लादिवोस्तोक
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/07/03/11505644_55:0:930:656_1920x0_80_0_0_e3b1121b12a652a6c8de95b443366426.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
धीरेंद्र प्रताप सिंह
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg
रूस , रूस का विकास , मास्को , भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, दिल्ली , संस्कृति संरक्षण , रूसी संस्कृति , भारतीय संस्कृति, व्लादिवोस्तोक
रूस , रूस का विकास , मास्को , भारत, आत्मनिर्भर भारत, भारत का विकास, भारत सरकार, दिल्ली , संस्कृति संरक्षण , रूसी संस्कृति , भारतीय संस्कृति, व्लादिवोस्तोक
भारतीय राइडर्स का बड़ा मिशन: मास्को से व्लादिवोस्तोक तक का मोटरसाइकिल अभियान शुरू
18:37 03.07.2026 (अपडेटेड: 20:12 03.07.2026) भारतीय मोटरसाइकिल सवारों के एक दल ने शुक्रवार सुबह मास्को के प्रसिद्ध "ज़र्यादये" पार्क से व्लादिवोस्तोक तक के लिए भारतीय मोटरसाइकिल अभियान की शुरुआत की।
Sputnik संवाददाता के अनुसार, इस अभियान में शामिल भारतीय राइडर्स की योजना 25 दिनों में अपना सफर पूरा करने की है। इस दौरान वे रूसी शहरों कज़ान और नोवोसिबिर्स्क में रुकते हुए मंगोलिया भी जाएंगे।
इस अभियान में शामिल पूरे दल में 17 लोग शामिल हैं जिनमें 20 से 60 साल तक के
भारतीय मोटरसाइकिल चालक शामिल हैं।
इस अभियान के आयोजकों में से एक, मनोज केश्वर ने Sputnik को बताया, "मैं जर्नीज़ बाय विक्टोरियाज़ नाम की एक ट्रैवल कंपनी चलाता हूं, और हमारा लक्ष्य मोटरसाइकिल और ऑफ-रोड गाड़ियों पर दुनिया घूमना है। रूस का एक हिस्सा जहां बहुत कम लोग जाते हैं, वह है ट्रांस-साइबेरियन हाईवे। हम मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग के अलावा दूसरी जगह भी देखना चाहते थे, इसलिए हमने मध्य रूस के बाहर एक महीना बिताने का फैसला किया। हम साइबेरिया, मंगोलिया और रूस के दूसरे हिस्सों से गुज़रेंगे, और व्लादिवोस्तोक में अपना अभियान खत्म करेंगे।"
इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग देशों और
संस्कृति के लोगों को एक साथ लाने के लिए ऐसे अभियानों की अहमियत पर भी ज़ोर दिया।
वहीं अभियान में हिस्सा लेने वाले विजय आनंदी ने बताया कि यह रास्ता काफी मुश्किल है, लेकिन उन्होंने पहले भी ऐसी ही यात्रा पूरी की हैं, जो केपटाउन से काहिरा तक थी।
विजय आनंदी ने कहा, "मुझे लगता है कि यह रास्ता थोड़ा आसान हो सकता है। रूस की सड़कें अफ्रीका से काफी बेहतर हैं। लेकिन मौसम का भी घटक है, इसलिए हमने सफर को और आरामदायक बनाने के लिए गर्मी का मौसम चुना।"